साहित्य और संस्कृति की घड़ी
13 फरवरी 2026
प्रेम जिसे परिभाषित करना जितना कठिन है, उतना ही सहज है उसे महसूस करना। इसी अनकही, अनंत और अदृश्य अनुभूति को शब्दों में सँजोने का प्रयास है—प्रेमयोग। वैलेंटाइंस डे के अवसर पर प्रस्तुत यह विशिष्ट संकलन
‘‘अगर तुम किसी के लिए अच्छा नहीं कह सकते, तो कुछ भी मत कहना...’’ अज्ञात-काया में जाने किस तरह की रोशनी होती है। इन दिनों कथाकार की ज़िंदगी अधलिखी पंक्तियों जैसी है। उसके सपनों की ज़मीन पर अनहोनी क
कई अनुपस्थितियों से अन्य हाज़िरियों का पंचांग मज़बूत हो जाता है, कई रविवासरीय दर्ज करने के सुयोग बनते हैं। यह हाज़िरी किताब पर लगी। पढ़ने के बाद आख़िरी पन्ने पर। ब-तर्ज़ ‘ब्रुक्स वॉज़ हेयर’ पेंसिल से
10 फरवरी 2026
इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल का 22वाँ संस्करण 13 फ़रवरी से 22 फ़रवरी 2026 तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इन दिनों में दुनिया के अलग-अलग देशों से आईं बेहतरीन कठपुतली प्र
09 फरवरी 2026
मैं पहली बार शहर आए किसी गँवई किसान-सा निहारता था चीज़ों को अलबत्ता देखे थे कई शहर जीवन के धूप-छाँव में यात्राएँ कहीं पीछे छूट जाती हैं। जीवन में आने वाली समानांतर समस्याएँ समझौते करने को वि
हाल बीच में एक फ़िल्म देखी—‘परफ़ेक्ट डेज़’। सन् तेईस [2023] में आई यह जापानी फ़िल्म, जापान और जर्मनी का संयुक्त निर्माण रही। इसे 96वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) में सर्वोत्कृष्ट विदेशी फ़िल्म के नामजद किया
हर आदमी को फ़रवरी मयस्सर नहीं होती। कितना भी झींख लो, रो लो, कलप लो—एहसास-ए-फ़रवरी नहीं बदा तो कहाँ से मिलेगा। टापते रहिए इधर से उधर, फ़रवरी नहीं आएगी, बदनामी ज़रूर हो जाएगी। फ़रवरी महीना नहीं, मनोदश
शीत और शाक का संबंध घनिष्ठ है। जाड़े से जैसा निकटस्थ जुड़ाव इन सब्ज़-रंग भाजियों का है, वैसा शायद ही किसी और का हो। सर्दियों की आगत केवल और केवल एक मौसमी करवट भर नहीं है, बल्कि ऋतुचक्र का यह घूमता पह
जाड़े में हैंडिल जितना चलाओ, नलके से उतना गरम पानी आता है। सितली फुआ दुकान जाने से पहले लोटा भरकर ताज़ा पानी सूर्य देवता को चढ़ाकर, सुखशंकर की बहु लीला के पास आती है। रिश्ते में दोनों पड़ोसी और ननद-भावज
03 फरवरी 2026
गाँव-देहात वाला घर-दुआर। यहाँ हिस्सा लेने-देने का मसला गंभीर होता है और बहुत जटिल भी। यह दोधारी तलवार है। तमाम लोग तो हैं कि बिना कुछ किए केवल पैतृक विरासत होने के नाते पाई-पाई का हिस्सेदार होना चाहत