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बाढ़ पर ग़ज़लें

देश की विभिन्न नदियों

में साल-दर-साल आती बाढ़ जीवन, संपत्ति और आजीविका के संकट उत्पन्न करती हैं जिसे कविताओं में चिंता और सहानुभूति से देखा गया है। इस चयन में बाढ़ विषयक कविताओं का संकलन किया गया है।

बाढ़ आइल सिवान

मिथिलेश ‘गहमरी’